दरभंगाबिहार

स्थायी हाट की मांग: महिलाओं ने सरकार से क्या कहा?

महिला संवाद कार्यक्रम से दरभंगा में महिलाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल रही है, साथ ही स्थायी हाट निर्माण की मांग भी उठाई गई है।

महिला संवाद कार्यक्रम से गाँवों की तस्वीर बदलेगी

महिलाओं ने उठाई स्थायी हाट निर्माण की मांग, सरकार से की ठोस पहल की उम्मीद

दरभंगा, 29 अप्रैल 2025: बिहार सरकार द्वारा संचालित “महिला संवाद” कार्यक्रम अब दरभंगा जिले के गाँवों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक बनता जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाएँ अपने गाँवों और पंचायतों की समस्याओं को बेझिझक सामने रख रही हैं और अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त कर रही हैं।

अब तक के कार्यक्रम में हजारों महिलाओं ने भाग लिया और अपनी आवाज़ उठाई। कई महिलाओं ने बताया कि उनके गाँवों में खुली जगहों पर साप्ताहिक हाट (बाजार) लगता है, जो अक्सर मौसम की मार का शिकार होता है। इन महिलाओं का कहना है कि अगर यहाँ एक स्थायी हाट का निर्माण किया जाए, तो न केवल व्यापार सुचारू रहेगा, बल्कि दुकानदारों और ग्राहकों को भी राहत मिलेगी।

इसके अलावा, महिलाएँ पंचायत स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जल-जमाव, पेंशन, सोलर लाइट, और लघु उद्योग के विकास जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठा रही हैं। इस कार्यक्रम में महिलाओं द्वारा साझा की गई प्रेरणादायक कहानियाँ, जैसे रामरती देवी की बेटी को आरक्षण के तहत शिक्षिका की नौकरी मिलना और संजुला देवी का जीविका से 50 हजार रुपये का ऋण लेकर किराना दुकान शुरू करना, यह साबित करते हैं कि महिला सशक्तिकरण अब सिर्फ विचार नहीं, बल्कि एक वास्तविकता बन चुका है।

इसके अतिरिक्त, दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों में कुल 25 महिला संवाद रथों के माध्यम से कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, जिसमें महिलाएँ विभिन्न सरकारी योजनाओं से परिचित हो रही हैं।

महिला संवाद कार्यक्रम से महिलाओं को अपना अधिकार समझने का मौका मिल रहा है, जो उनके जीवन को बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

Sitesh Choudhary

चढ़ते हुए सूरज की परस्तिश नहीं करता, लेकिन, गिरती हुई दीवारों का हमदर्द हूँ।
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